दशहरा (Dussehra) पूरे देश में धूमधाम से मनाया जाता है। इसे नवरात्री के नाम से भी जाना जाता है। नवरात्रि के नौ दिनों में मां दुर्गा के नौ रूपों कि पूजा की जाती है। मां दुर्गा शक्ती कि देवी मानी जाती हैं। ऐसा माना जाता है कि मां दुर्गा ने दुराचारी राक्षसों का संहार करने के लिए नौ दिन अलग-अलग रूप में लेती हैं। अपने अलग-अलग रूप में मां दुर्गा ने अपने कई शक्तियों का प्रर्दशन करते हुए राक्षसों का संहार कर देवलोक से पताललोक तक उपद्रव मचाने वाले का संहार करते हुए शांति स्थापित किया। लोग इन्हीं शक्तियों का आव्हान करते हुए मां दुर्गा कि पूजा करते हैं। ऐसी मान्यता है कि इस दौरान मां अपने भक्तों कि सभी मनोकामनाएं पूर्ण करती हैं। नवरात्रि के नौ दिन के दौरान मां के नौ स्वरूपों कि पूजा कि जाती है। मां दुर्गा के ये नौ रूप हैं शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कुष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी और सिद्धदात्री, नवरात्री के नौ दिनों में इन्ही नौ रूपों कि पूजा की जाती है। इस बार माता का आगमन सैलायाम पर होगा और माता की विदाई गजराज पर होगा। अलग-अलग पंचाग और अलग-अलग संस्कृति में माता का आगमान अलग हो सकता है ।

नवरात्री का पूजन विवरण

10 अक्टूबर 2018 (बुधवार) : कलश स्थापन व शैलपुत्री आगमन

11 अक्टूबर 2018 (बृहस्पतिवार ) : ब्रह्मचारिणी आगमन

12 अक्टूबर 2018 (शुक्रवार ) : चंद्रघंटा आगमन

13 अक्टूबर 2018 (शनिवार) :  कुष्मांडा आगमन

14 अक्टूबर 2018 (रविवार ) :  स्कंदमाता आगमन

15 अक्टूबर 2018 (सोमवार) :  कात्यायनी आगमन

16 अक्टूबर 2018 (मंगलवार ) : कालरात्रि आगमन

17 अक्टूबर 2018 (बुधवार) :  महाअष्टमी व्रत , महागौरी आगमन

18 अक्टूबर 2018 (बृहस्पतिवार) 2018 : सिध्दिदात्री देवी आगमन

19 सितम्बर 2018 (शुक्रवार ) : दुर्गा विसर्जन, विजय दशमी

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